उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे की मजबूती सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को मानसून शुरू होने से पहले जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जनजीवन प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत और आपदा प्रबंधन विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी सड़कों को 15 नवंबर 2026 तक गड्ढामुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जो कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें भी बारिश शुरू होने से पहले पूरा किया जाए।
बैठक में कैंचीधाम क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कैंचीधाम बाईपास को बुधवार से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारु होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पुलों, कल्वर्टों और ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पहले सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन और अन्य मशीनरी पहले से तैनात रखने तथा बार-बार बाधित होने वाले मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने को कहा। दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अस्पतालों के निकट अस्थायी ठहराव की व्यवस्था और आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, एम्बुलेंस और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

