नई दिल्ली। विदेश यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (टाइप-A) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। 3 जून से लागू इस नए नियम के तहत अब भारतीय यात्रियों को किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के हवाई अड्डों पर ट्रांजिट करने के लिए अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
जर्मन सरकार की ओर से यह फैसला जर्मन संघीय कानून राजपत्र (Bundesgesetzblatt) में प्रकाशित किए जाने के बाद प्रभावी हो गया है। इस बदलाव से उन हजारों भारतीय यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा जो यूरोप के प्रमुख एयरपोर्ट्स के जरिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और अन्य देशों की यात्रा करते हैं।
हालांकि यह छूट केवल उन यात्रियों के लिए लागू होगी जो जर्मनी के एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र (International Transit Area) के भीतर ही रहेंगे। यानी यदि किसी यात्री की अगली उड़ान जर्मनी के उसी एयरपोर्ट से है और उसे एयरपोर्ट परिसर के ट्रांजिट जोन से बाहर जाने की जरूरत नहीं है, तो अब उसे एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा नहीं लेना पड़ेगा।
जर्मन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह छूट जर्मनी में प्रवेश की अनुमति नहीं देती। यदि कोई भारतीय यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलना चाहता है, शहर में जाना चाहता है या किसी अन्य कारण से जर्मनी के शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे पहले की तरह उपयुक्त वीजा प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि ट्रांजिट वीजा किसी देश में अस्थायी ठहराव के लिए जारी किया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई यात्री भारत से अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन की यात्रा कर रहा है और उसकी फ्लाइट का लेओवर फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या जर्मनी के किसी अन्य हवाई अड्डे पर है, तो अब उसे केवल ट्रांजिट के लिए अलग वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी के इस फैसले से भारतीय यात्रियों की यात्रा प्रक्रिया अधिक सरल और किफायती होगी। साथ ही वीजा आवेदन की अतिरिक्त औपचारिकताओं और खर्च से भी राहत मिलेगी। यह कदम भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते लोगों के आवागमन और बेहतर द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

