लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, प्रयागराज–सोनभद्र एक्सप्रेसवे और विंध्य–पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही संभल आयोग की रिपोर्ट को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक आयोजित किए जाने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट की सबसे चर्चित घोषणाओं में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना रही। इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। योजना के पात्र लाभार्थियों और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
बैठक में प्रदेश के सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। प्रयागराज–सोनभद्र एक्सप्रेसवे और विंध्य–पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास को गति मिलने, निवेश आकर्षित होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी अधिक आसान होगी।
कैबिनेट ने संभल आयोग की रिपोर्ट पर भी अपनी मुहर लगा दी। सरकार का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि रिपोर्ट के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने को लेकर सरकार अलग से निर्णय ले सकती है।
इसके अलावा कैबिनेट ने राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक बुलाने का फैसला किया है। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक, अनुपूरक बजट और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है। विपक्ष भी कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
योगी सरकार की इस कैबिनेट बैठक को मौजूदा कार्यकाल की महत्वपूर्ण बैठकों में माना जा रहा है। महिला सशक्तिकरण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों पर लिए गए फैसलों को सरकार विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की रूपरेखा और समय-सीमा स्पष्ट होने के बाद इनके प्रभाव का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।

