महाकुंभ-2027 की तैयारियां तेज : सीएम धामी ने हरिद्वार के कायाकल्प की रखी नींव, गंगा कॉरिडोर की चार बड़ी परियोजनाओं का किया शिलान्यास - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 12, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

महाकुंभ-2027 की तैयारियां तेज : सीएम धामी ने हरिद्वार के कायाकल्प की रखी नींव, गंगा कॉरिडोर की चार बड़ी परियोजनाओं का किया शिलान्यास

धार्मिक नगरी हरिद्वार को आधुनिक सुविधाओं से लैस, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। आगामी महाकुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि हरिद्वार आने वाले यात्रियों, कांवड़ियों और स्थानीय नागरिकों के लिए भी स्थायी और आधुनिक सुविधाओं का विकास करना है।
उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की ओर से संचालित इन परियोजनाओं से हरिद्वार की आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार, परिवहन, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी और सुभाष घाट के पुनरुद्धार कार्य, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार भी हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अलावा केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा। राज्य सरकार इसे अब तक का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन चार परियोजनाओं का आज शुभारंभ किया गया है, वे भी इसी व्यापक तैयारी का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि महाकुंभ की तैयारियों के तहत हरिद्वार में नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण तथा यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर और शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी शहरों में विकसित किया जा रहा है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज और श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी परियोजना तथा हर की पैड़ी से मां चंडी देवी और मां मनसा देवी तक रोपवे परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में पुल और झूला पुल निर्माण, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, पार्क और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान केवल अस्थायी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जाता था, लेकिन अब सरकार ने इस सोच को बदलते हुए कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी और आधुनिक विकास का कार्य शुरू किया है, ताकि हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज द्वारा प्रशासनिक मार्ग का नाम बदलने संबंधी सुझाव पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपने विचार रखे। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि महाकुंभ-2027 से पहले सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
समारोह में अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

Related posts

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग दिसंबर के प्रथम सप्ताह में होने वाली परीक्षा की तैयारी में जुटा

admin

National sports adventure award : राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, शरत कमल को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और लक्ष्य सेन-एचएस प्रणय समेत 25 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया, देखें पूरी लिस्ट

admin

भारी बारिश को देखते हुए देहरादून में सभी स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

admin

Leave a Comment