मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे और व्यवस्थाएं पूरी संवेदनशीलता, समन्वय तथा सेवा-भाव से संचालित हों।
हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य “सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़” है। प्रत्येक श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड से सुरक्षित, संतुष्ट और सुखद अनुभव लेकर लौटे, यही सरकार का विकल्प रहित संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार, विभिन्न स्थानों पर भंडारों की समुचित व्यवस्था और महिला श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, धर्माचार्यों और संत समाज के सहयोग से कांवड़ मेले का संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। संतों और धर्माचार्यों के संदेशों पर आधारित वीडियो तैयार कर यात्रियों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि यात्रा अनुशासित और मर्यादित ढंग से संपन्न हो।
कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यकता अनुसार अलग-अलग ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख पड़ावों और मेला क्षेत्रों में पर्याप्त मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रखने के निर्देश दिए। प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था करने को भी कहा गया। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखने तथा भारी बारिश, जलभराव या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने पूरे कांवड़ मार्ग और मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नियमित सफाई अभियान चलाने और नो-प्लास्टिक अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा गया।
उन्होंने होटलों, ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। सभी प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस और पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा किसी भी अनियमितता या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने, 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय रखने तथा जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल और अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकासी योजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखने, अत्यधिक ऊंची कांवड़ और निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल और हेल्प डेस्क सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान महाकुंभ-2027 की तैयारियों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए और दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री, जनप्रतिनिधियों, संत समाज, व्यापारिक संगठनों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित अन्य अधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों की तैयारियों का ब्यौरा दिया।

