प्रधानमंत्री आवास के पास मंगलवार को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। करीब दोपहर 3:30 बजे शुरू हुए धरने को पुलिस ने शाम लगभग 6:30 बजे समाप्त करा दिया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

करीब तीन घंटे तक चले धरने के दौरान प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए राहुल गांधी से दो बार बातचीत की और धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
जब पुलिस राहुल गांधी तक पहुंचने लगी तो कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक जोरदार धक्का-मुक्की होती रही। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान हल्का लाठीचार्ज भी किया गया।

आखिरकार करीब 12 से अधिक पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को घेरकर उन्हें वहां से उठाया और पुलिस बस तक ले गए। इसके बाद प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लेकर अलग-अलग पुलिस वाहनों से ले जाया गया।

धरना स्थल और प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, जबकि पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई।

फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग पुलिस परिसरों में ले जाया गया है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए विरोध जारी रखने का ऐलान किया है, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई।

