नई दिल्ली में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari को लोक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित इस समारोह में उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan, प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वर्ष 2026 के पहले नागरिक अलंकरण समारोह में कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्मश्री शामिल रहे। इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है, जबकि शेष पुरस्कार विजेताओं को दूसरे चरण के समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
उत्तराखण्ड में ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से सामाजिक सेवा, शिक्षा, पत्रकारिता और राजनीति से जुड़े रहे हैं। बागेश्वर जिले के दूरस्थ गांव पलानधुरा में 17 जून 1942 को जन्मे कोश्यारी ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा हासिल की और अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत व्याख्याता के रूप में की, लेकिन बाद में खुद को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में समर्पित कर दिया।
उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। वह राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद और महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।
राजनीति और सामाजिक जीवन के साथ-साथ भगत सिंह कोश्यारी एक लेखक के रूप में भी पहचाने जाते हैं। उनकी पुस्तकें “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” उत्तराखण्ड के विकास को लेकर उनके विचारों और दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है।

