भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान कर दिया है। सोमवार को सामने आई नई सूची में अनुभव और नई पीढ़ी के नेताओं का ऐसा मिश्रण दिखाई देता है, जिसने पार्टी के भीतर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा तेज कर दी है। नई टीम में सबसे ज्यादा ध्यान पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार राम माधव की वापसी ने खींचा है। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की टीम में जगह मिली है।



यह बदलाव केवल कुछ पदों पर नए नामों की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। भाजपा ने संगठन के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में नेतृत्व बदला है। राष्ट्रीय महासचिवों से लेकर उपाध्यक्षों, सचिवों, कोषाध्यक्ष और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों तक जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। डिजिटल संगठन में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी दी गई है। युवा मोर्चे में भी तेजस्वी सूर्या की जगह हेमांग जोशी को कमान सौंपी गई है।

नई टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। पार्टी ने महिलाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक नई राष्ट्रीय टीम में 10 महिलाएं और छह अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े नेता शामिल हैं। ऐसे में इस संगठनात्मक बदलाव को भाजपा के आने वाले राजनीतिक अभियान और चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

स्मृति ईरानी की वापसी ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान
नई टीम में स्मृति ईरानी का नाम सबसे चर्चित नियुक्तियों में है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। 2019 में अमेठी से राहुल गांधी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार गई थीं। इसके बाद अब पार्टी संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर भाजपा ने उनके राजनीतिक कद और संगठनात्मक अनुभव पर फिर भरोसा जताया है।
स्मृति ईरानी इससे पहले भी भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। वह महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। नई भूमिका में उनकी जिम्मेदारी केवल संगठन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि उत्तर प्रदेश समेत उन राज्यों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है जहां भाजपा को मजबूत राजनीतिक अभियान की जरूरत है।
राम माधव की वापसी से संगठन में रणनीतिक अनुभव बढ़ा
राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनका भाजपा संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों से लंबा जुड़ाव रहा है। वह पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और संगठनात्मक रणनीति तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ समन्वय के लिए जाने जाते हैं। नई टीम में उनकी वापसी को भाजपा के संगठन में अनुभवी रणनीतिक नेतृत्व को फिर सक्रिय करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
राम माधव के साथ वसुंधरा राजे का नाम भी राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में शामिल है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का पार्टी संगठन और सरकार दोनों में लंबा अनुभव रहा है। उनके अलावा नई टीम में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के नेताओं को जगह देकर क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश दिखाई देती है।
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और 16 सचिव
नितिन नवीन की नई टीम का आकार भी महत्वपूर्ण है। भाजपा ने 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आठ राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए हैं। इससे साफ है कि पार्टी ने संगठन के शीर्ष स्तर पर व्यापक पुनर्गठन किया है। नई टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ ऐसे चेहरों को भी जिम्मेदारी मिली है जो आने वाले वर्षों में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में भूमिका निभा सकते हैं।
महासचिवों के स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। हरिश द्विवेदी को अरुण सिंह की जगह जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी को राधा मोहन दास अग्रवाल की जगह राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। सतीश पूनिया ने तरुण चुघ की जगह ली है, जबकि गजेंद्र पटेल को दुष्यंत गौतम की जगह महासचिव बनाया गया है। बिप्लब कुमार देब और संजय भाटिया को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
डिजिटल मोर्चे पर अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के
भाजपा के डिजिटल और सामाजिक माध्यम तंत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ है। लंबे समय से पार्टी के डिजिटल अभियान का प्रमुख चेहरा रहे अमित मालवीय को इस जिम्मेदारी से हटाकर दीपक म्हस्के को आईटी और सामाजिक माध्यम तंत्र की कमान दी गई है।
दीपक म्हस्के के साथ प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सामाजिक माध्यम सह-संयोजक बनाया गया है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद म्हस्के ने कहा है कि पार्टी का डिजिटल तंत्र दुष्प्रचार का मुकाबला करने और लोगों के बीच गलत धारणाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा।
यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि भाजपा का डिजिटल अभियान लंबे समय से उसके राजनीतिक संचार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऐसे में नई टीम के सामने पार्टी की नीतियों और राजनीतिक संदेश को तेजी से जनता तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
युवा मोर्चे की कमान अब हेमांग जोशी के हाथ
भाजपा ने युवा मोर्चे में भी नेतृत्व परिवर्तन किया है। तेजस्वी सूर्या की जगह हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। तेजस्वी सूर्या लंबे समय से युवा मोर्चे के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। अब संगठन ने युवा नेतृत्व की जिम्मेदारी नए चेहरे को सौंपकर बदलाव का संकेत दिया है।
हेमांग जोशी के सामने युवा मतदाताओं तक भाजपा की पहुंच बढ़ाने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और राज्यों में युवा संगठन को सक्रिय बनाने की चुनौती होगी। यह बदलाव भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें नई पीढ़ी के नेताओं को संगठन में आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है।
पीयूष गोयल बने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
नई टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने राजेश अग्रवाल की जगह ली है। पीयूष गोयल को संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर लंबा अनुभव है। वित्त, उद्योग और व्यापार से जुड़े मामलों की उनकी समझ को देखते हुए यह नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महिला मोर्चा से अल्पसंख्यक मोर्चे तक बदली कमान
भाजपा ने अपने विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव किया है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी रूप कुमारी चौधरी को दी गई है। उन्होंने वनाथी श्रीनिवासन की जगह ली है।
ओबीसी मोर्चे में अमरपाल मौर्य को के. लक्ष्मण की जगह जिम्मेदारी मिली है। किसान मोर्चे की कमान बंसीलाल गुर्जर को दी गई है, जिन्होंने राजकुमार चाहर की जगह ली है।
एससी मोर्चे में शिवेश कुमार राम को लाल सिंह आर्य की जगह अध्यक्ष बनाया गया है। एसटी मोर्चे में मंगलम रावत को समीर ओरांव की जगह जिम्मेदारी मिली है। वहीं अल्पसंख्यक मोर्चे में कुंवर बासित अली ने जमाल सिद्दीकी की जगह ली है।
इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने सामाजिक समीकरणों के अलग-अलग हिस्सों में संगठन को नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
किस नेता को मिली किसकी जगह?
हरिश द्विवेदी → अरुण सिंह
राष्ट्रीय महासचिव
स्मृति ईरानी → राधा मोहन दास अग्रवाल
राष्ट्रीय महासचिव
सतीश पूनिया → तरुण चुघ
राष्ट्रीय महासचिव
गजेंद्र पटेल → दुष्यंत गौतम
राष्ट्रीय महासचिव
हेमांग जोशी → तेजस्वी सूर्या
भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष
दीपक म्हस्के → अमित मालवीय
आईटी और सामाजिक माध्यम की जिम्मेदारी
पीयूष गोयल → राजेश अग्रवाल
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
रूप कुमारी चौधरी → वनाथी श्रीनिवासन
महिला मोर्चा अध्यक्ष
अमरपाल मौर्य → के. लक्ष्मण
ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष
बंसीलाल गुर्जर → राजकुमार चाहर
किसान मोर्चा अध्यक्ष
शिवेश कुमार राम → लाल सिंह आर्य
एससी मोर्चा अध्यक्ष
मंगलम रावत → समीर ओरांव
एसटी मोर्चा अध्यक्ष
कुंवर बासित अली → जमाल सिद्दीकी
अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष
अनुभव और नई पीढ़ी का संतुलन, आगे की राजनीति पर नजर
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को केवल संगठनात्मक फेरबदल के तौर पर देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसमें एक तरफ वसुंधरा राजे और राम माधव जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी है, तो दूसरी तरफ हेमांग जोशी और अन्य नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। स्मृति ईरानी की वापसी और डिजिटल संगठन में नेतृत्व परिवर्तन भी इस पूरी कवायद को खास बनाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई टीम को बधाई देते हुए इसे अनुभव, ऊर्जा और जमीनी जुड़ाव का मिश्रण बताया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नई टीम के गठन को संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
कुल मिलाकर भाजपा की नई टीम में संदेश साफ दिखाई देता है पुराने अनुभव को बनाए रखते हुए नए चेहरों को आगे बढ़ाना, संगठन के डिजिटल तंत्र को नए सिरे से मजबूत करना और सामाजिक तथा क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के जरिए व्यापक राजनीतिक आधार तैयार करना। आने वाले चुनावी दौर में यही टीम भाजपा के संगठनात्मक अभियान की दिशा तय करेगी।

