जिले के बरसाली गांव में नागपंचमी के पावन पर्व पर भगवान श्री नागराजा जी का वार्षिक सांस्कृतिक मेला हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। मेले को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान नागराजा की पूजा-अर्चना की जा रही है।
नागपंचमी के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। लोगों ने भगवान श्री नागराजा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान नागराजा का आशीर्वाद लिया।
वार्षिक सांस्कृतिक मेले में स्थानीय परंपराओं और लोक संस्कृति की भी झलक देखने को मिल रही है। ग्रामीणों की ओर से पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाजों के साथ मेले में भाग लिया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत किया जा रहा है।
मेले में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। धार्मिक आयोजन के साथ ही मेले में स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की दुकानें और स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी मेले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नागराजा देवता के प्रति क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था है और हर वर्ष नागपंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति और लोक मान्यताओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बरसाली गांव में आयोजित यह वार्षिक मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संगम बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में नागपंचमी पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल है।

