उत्तराखंड में छह माह तक हड़ताल पर रोक: आवश्यक सेवाएं बाधित होने की आशंका के बीच धामी सरकार ने लागू किया एस्मा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 31, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड में छह माह तक हड़ताल पर रोक: आवश्यक सेवाएं बाधित होने की आशंका के बीच धामी सरकार ने लागू किया एस्मा



उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अगले छह महीने तक राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा), जो उत्तराखंड में भी प्रभावी है, के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कार्मिक सचिव शैलेश बगौली द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि यदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो आम जनता को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी संभावना को देखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया गया है।

आंदोलनों की तैयारी के बीच सरकार की कार्रवाई

पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई कर्मचारी संगठन वेतन विसंगतियों, पदोन्नति, सेवा शर्तों और अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। सरकार को आशंका है कि यदि ये आंदोलन व्यापक हड़ताल में बदलते हैं तो स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, परिवहन और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार ने आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए हड़ताल पर रोक लगाने का फैसला किया है।

छह महीने तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंध

अधिसूचना के अनुसार आदेश जारी होने की तिथि से आगामी छह माह तक राज्याधीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की हड़ताल प्रतिबंधित रहेगी। इस अवधि के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने की स्थिति में एस्मा के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

क्या है एस्मा?

अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) ऐसा कानून है, जिसका उद्देश्य आम जनता को मिलने वाली जरूरी सेवाओं को बाधित होने से बचाना है। इसके तहत सरकार आवश्यकता पड़ने पर किसी भी आवश्यक सेवा में हड़ताल पर रोक लगा सकती है। कानून का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों या संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

सरकार के इस फैसले को आगामी महीनों में संभावित कर्मचारी आंदोलनों और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

Related posts

Uttarakhand Char Dham Yatra Stopped चार धाम यात्रा : केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की रोकी गई यात्रा, बीच रास्ते में ही फंसे हजारों तीर्थयात्री परेशान

admin

Uttarakhand Char Dham heavy snowfall journey break : खराब मौसम और भीषण बर्फबारी के बाद 3 मई को रोकी गई केदारनाथ धाम की यात्रा, परेशान तीर्थयात्री

admin

केदारनाथ में हेलीकॉप्टर के रोटर की चपेट में आने से यूकाडा अधिकारी की मौत

admin

Leave a Comment