हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है। मानसून के इस भीषण दौर में अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राज्यभर में 109 सड़कें बंद होने से कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
किन्नौर जिले में बारिश के बीच सड़क हादसे की एक बड़ी घटना सामने आई, जहां फिसलन और खराब मौसम के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वहीं पर्यटन नगरी मनाली में भी सड़क दुर्घटना में कई लोग घायल हुए। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित है। पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने और सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
कुल्लू जिले में भारी बारिश के चलते एक सरकारी स्कूल भवन अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय स्कूल में छात्र मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। भवन के गिरने के बाद प्रशासन ने आसपास के अन्य पुराने भवनों का भी निरीक्षण शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने प्रभावित छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
सिरमौर जिले में करीब 52 साल पुराना पुल तेज बहाव की चपेट में आकर ढह गया। पुल के गिरने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है और स्थानीय लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। प्रशासन ने मौके पर राहत एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं और अस्थायी पुल या वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सबसे अधिक नुकसान मंडी, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर, शिमला और चंबा जिलों में दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में फंस गए, जबकि कुछ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत अभियान चलाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगातार मलबा हटाने का काम कर रही हैं, हालांकि लगातार बारिश के कारण कार्य में बाधा आ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करना चाहिए। मानसून के इस दौर ने हिमाचल प्रदेश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

