नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शनिवार को उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के बीच सांस्कृतिक एवं सामाजिक जुड़ाव की नई तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर राज्यों से पहुंचे छात्र-छात्राओं और युवाओं का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भले ही देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं, लेकिन दोनों क्षेत्रों की पहाड़ी परिस्थितियों, जीवनशैली और चुनौतियों में कई समानताएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दोनों क्षेत्रों के युवाओं को एक-दूसरे को समझने और करीब आने का अवसर देते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्वोत्तर से आए युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल एक पर्यटन स्थल या देवभूमि ही नहीं, बल्कि देश के हर हिस्से से आने वाले लोगों के लिए अपनापन रखने वाला प्रदेश है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे उत्तराखंड को अपना घर समझें। उन्होंने कहा कि देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच संवाद बढ़ने से राष्ट्रीय एकता और मजबूत होती है।
युवा शक्ति को बताया बदलाव का इंजन
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं की ऊर्जा और उत्साह का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसी युवा शक्ति में भारत का भविष्य दिखाई देता है। उनके अनुसार युवा केवल विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि देश में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ खेल, तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का आह्वान किया।
धामी ने कहा कि युवाओं को अपने सपने बड़े रखने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास जरूरी है। युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करने के लिए भी आगे आना चाहिए।
नई पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को तकनीक, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के युवाओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजनों से दोनों क्षेत्रों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे तथा युवा देश की एकता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

