मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में सांसद निधि के धीमे इस्तेमाल और विकास कार्यों में देरी को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक का वीडियो भी सामने आया है।
कंगना रनौत ने दावा किया कि उनकी सांसद निधि में करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक लगभग 50 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से फंड के इस्तेमाल और विकास कार्यों की प्रगति का पूरा हिसाब मांगा।
सांसद ने कहा कि हर DISHA बैठक में उन्हें फंड खर्च होने को लेकर आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अधिकारियों द्वारा बताए गए आंकड़े वास्तविक खर्च से मेल नहीं खा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि योजनाओं को जमीन पर लागू करना होगा।
कंगना ने कहा कि सांसद का काम फंड उपलब्ध कराना है, जबकि उसे समय पर खर्च कर विकास कार्य करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने BDO स्तर के अधिकारियों से भी देरी को लेकर जवाब मांगा और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपने ऊपर हो रही आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि सांसद ने करोड़ों रुपये दिए, लेकिन काम नहीं हुआ। कंगना ने कहा कि लोग लंबित विकास कार्यों को लेकर रील बना रहे हैं और उन्हें निठल्ला कह रहे हैं।
बैठक के दौरान कंगना ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि वे उनसे भी बेहतर ‘एक्टिंग’ कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों की प्रगति दिखाने और सिर्फ सुझाव देने के बजाय उन्हें लागू करने पर जोर दिया।
कंगना ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर फंड लेने के बाद काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और जहां जरूरी हो वहां राशि वापस लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा।
सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि बैठकें केवल खानापूर्ति के लिए नहीं होनी चाहिए। उपलब्ध सांसद निधि का समयबद्ध और प्रभावी इस्तेमाल करते हुए मंडी संसदीय क्षेत्र में लंबित विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।

