चुनावी उत्सव से पहले आज युवाओं में वोट की चोट करने के लिए छाया जोश - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
May 24, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

चुनावी उत्सव से पहले आज युवाओं में वोट की चोट करने के लिए छाया जोश

अच्छे प्रत्याशी और अच्छी सरकारों को चुनने के लिए मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके साथ वोटर्स लोकतंत्र की भी सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है। एक वोट से प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला भी होता है। आज का दिन मतदाताओं के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। पांच राज्यों में युवा वोट की चोट करने के लिए तैयार हैं । आइए बात को आगे बढ़ाते हैं। आज 25 जनवरी है। हर साल इसी दिन पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस (नेशनल वोटर्स डे) मनाया जाता है। ‌ इस बार यह दिवस इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आज चुनाव आयोग वोटर्स में जागरूकता जगाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। सही मायने में यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव भी है। ‌भारत पूरे विश्व में सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। सुबह से ही सोशल मीडिया पर नेशनल वोटर्स डे को लेकर युवाओं में जोश देखा जा रहा है। हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम रखी जाती है। इस बार की थीम है। ‘मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनावी साक्षरता’ । इस थीम का अर्थ यदि हमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को सफल बनाना है तो हमें चुनावी साक्षरता की जरूरत है ज्यादा से ज्यादा लोगों का वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाएं और उन्हे वोट की कीमत बताकर वोट डालने के लिए राजी करें। आपका एक वोट आपके लिए सरकार चुन सकता है यह जज्बा जिस दिन लोगों के मन में आ जाएगा तब देश का लोकतंत्र आगे बढ़ेगा। आइए जानते हैं यह दिवस कब से क्यों मनाया जाता है ।

देश में 25 जनवरी 2011 से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की हुई थी शुरुआत–

बता दें कि देश में 25 जनवरी 2011 से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी। इस दिन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ का शुभारंभ किया। इसका आरंभ 1950 में चुनाव आयोग के 61वें स्‍थापना दिवस पर हुआ। विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा था। इसके मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में हर साल उन सभी मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र 18 साल हो चुकी होगी। भारत में वोटिंग के लिए 18 साल होने पर युवाओं को मताधिकार प्राप्‍त हो जाता है। इसके बाद वह सभी प्रकार के लोकतांत्रिक चुनावों में वोट डाल सकता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत का मकसद ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं का सूची में नाम जोड़ना, मतदान के लिए प्रेरित करना है। 

Related posts

प्रधानमंत्री मोदी 27 सितंबर को कर सकते हैं ओडिशा का दौरा

admin

VIDEO Rahul Gandhi Leh Bharat Mata Ki Jay : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लद्दाख में भारत माता की जय के नारे लगाए, बाजार में सब्जी लेने भी निकले, लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई

admin

Delhi : निर्माण उद्योग में नई तकनीकी के साथ आसान तरीके तलाशें : केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

admin

Leave a Comment