अल नीनो का खतरा बढ़ा : विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी, भारत समेत दुनिया में सूखा-बाढ़ और भीषण गर्मी का संकट गहराने की आशंका - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 3, 2026
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अल नीनो का खतरा बढ़ा : विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी, भारत समेत दुनिया में सूखा-बाढ़ और भीषण गर्मी का संकट गहराने की आशंका




भारतीय मौसम विभाग (IMD) के बाद अब संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी वैश्विक मौसम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। WMO के अनुसार प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते जून से अगस्त के बीच अल नीनो विकसित होने की संभावना 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एजेंसी ने आशंका जताई है कि नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत या उससे अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल नीनो मजबूत होता है तो इसका असर भारत सहित दुनिया के कई देशों के मौसम पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

WMO के मुताबिक अल नीनो की स्थिति बनने पर सामान्य मौसम चक्र प्रभावित हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप कहीं लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है तो कहीं अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। समुद्री और स्थलीय क्षेत्रों में भीषण हीटवेव, जंगलों में आग की घटनाएं, जल संकट और कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अल नीनो का संयुक्त प्रभाव कई क्षेत्रों में मौसम को और अधिक चरम बना सकता है।

भारत के लिए यह चेतावनी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी और कृषि व्यवस्था मानसून पर निर्भर है। अल नीनो के प्रभाव से मानसूनी वर्षा सामान्य से कम हो सकती है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा रहता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।

संभावित परिस्थितियों को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों, कृषि विभागों और संबंधित एजेंसियों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सामान्य से कम मानसून और अल नीनो की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर आकस्मिक कार्ययोजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जाएं। उन्होंने किसानों तक मौसम संबंधी जानकारी समय पर पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल संदेश सेवा, कृषि परामर्श तंत्र और कॉल सेंटर सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में अल नीनो की स्थिति और उसके प्रभावों पर लगातार निगरानी रखना आवश्यक होगा। यदि इसके संकेत और मजबूत होते हैं तो सरकारों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और किसानों को समय रहते आवश्यक कदम उठाने होंगे, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले असर से निपटा जा सके।

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