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May 16, 2026
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उत्तराखंड में चुनाव आयोग 29 मई से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू करेगा

उत्तराखंड में चुनाव आयोग 29 मई से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू करने जा रहा है। राज्य में 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है और उनका वोट पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, करीब 9 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनका साल 2003 का वोट या रिकॉर्ड नहीं मिला है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मतदाताओं को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनके लिए 12 अन्य दस्तावेजों की सूची जारी की गई है, जिन्हें दिखाकर वे अपना नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस अभियान में सहयोग की अपील की है।चुनाव आयोग के वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को ‘गणना प्रपत्र’ सौंपेंगे।इस फॉर्म पर बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। इसमें आपको अपने वर्तमान वोट की जानकारी के साथ 2003 के वोट की जानकारी देनी होगी। अगर 2003 का वोट नहीं था तो आपको अपने माता-पिता के वोट की जानकारी देनी होगी। अगर उनका भी वोट नहीं था, तो दादा-दादी के वोट की जानकारी भरनी होगी। फिर फॉर्म पर एक नया फोटो चिपकाकर वापस बीएलओ के पास जमा करना होगा।

अगर आपके पास 2003 का कोई डेटा नहीं है, तो फॉर्म पर यही बात लिखकर बीएलओ को सौंप दें। इसके बाद आपके पास एक नोटिस आएगा। इस नोटिस के आधार पर आप ईआरओ कार्यालय में जाकर निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक जमा कर सकते हैं। मतदाता सूची की स्थिति को साफ करने के लिए आप सीईओ उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर भी अपना नाम चेक कर सकते हैं।अगर 2003 का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो चुनाव आयोग ने आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से जारी 10वीं या अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य कोई जाति प्रमाण पत्र, केंद्र, राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार की ओर से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र जमा करने की बात कही है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं। राजनीतिक दलों ने अब तक 22 हजार बूथ लेवल एजेंट तैनात कर दिए हैं। सचिवालय में हुई इस बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी के अलावा बीजेपी, कांग्रेस, बसपा और सीपीआई-एम के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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