धार्मिक और पर्यटन नगरी ऋषिकेश के सुनियोजित एवं सर्वांगीण विकास को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आवास विभाग ने ऋषिकेश महायोजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाई है। इसी क्रम में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के संबंधित विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ऋषिकेश महायोजना से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के साथ भवनों की ऊंचाई, सड़कों की चौड़ाई, यातायात व्यवस्था, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों सहित विभिन्न तकनीकी एवं नियोजन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को महायोजना से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश महायोजना का क्षेत्र देहरादून, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल, तीन जिलों से जुड़ा है। इसलिए तीनों जिलों के विकास प्राधिकरणों से प्रस्ताव मांगे गए थे। शासन के निर्देश पर टिहरी और पौड़ी गढ़वाल विकास प्राधिकरणों ने अपने बोर्ड से अनुमोदित प्रस्ताव उपलब्ध करा दिए हैं, जिनका परीक्षण किया गया।
बैठक में क्षेत्र की जरूरत और सड़क की चौड़ाई के अनुरूप भवनों की ऊंचाई तय करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। वहीं, पौड़ी गढ़वाल का क्षेत्र राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से सटा होने के कारण पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भवनों की ऊंचाई सीमित रखने के सुझाव को उपयुक्त माना गया।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि ऋषिकेश जैसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरी के लिए महायोजना केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के शहरी और आर्थिक विकास की आधारशिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तैयार की जा रही इस महायोजना में पर्यटन, यातायात, पार्किंग, सड़क नेटवर्क, आवासीय एवं व्यावसायिक विकास और आधारभूत सुविधाओं को समग्र रूप से शामिल किया जाएगा।
अधिकारियों की इस अहम बैठक के बाद अब ऋषिकेश के भविष्य के विकास की दिशा तय करने वाली महायोजना को जल्द अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

