September 19, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारी को मिलेगी नई मजबूती, हर जिले में तैयार होंगे 10 मास्टर ट्रेनर

उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) के सहयोग से व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके तहत राज्य से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े कार्मिकों को आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, खोज एवं बचाव तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों को नियमित और चरणबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मधूप व्यास ने आज उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संचालित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही आगामी वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए की विभिन्न गतिविधियों और कार्यों की जानकारी दी। मधूप व्यास ने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक एवं प्राकृतिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। यहां भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि, बादल फटना, हिमस्खलन और वनाग्नि जैसी विभिन्न आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में आपदा के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के साथ ही आपदा से पहले की तैयारियों को मजबूत करना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) के अधिकारियों के लिए भी आपदा प्रबंधन से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी भूमिका एवं जिम्मेदारियों के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रत्येक जिले में तैयार किए जाएंगे 10 मास्टर ट्रेनर

एनआईडीएम के सहयोग से राज्य में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पहले चरण में प्रत्येक जिले में 10 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इन्हें आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में संबंधित विभागों के कार्मिकों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित करेंगे।

इसी तरह राज्य स्तर पर भी मास्टर ट्रेनरों का एक प्रशिक्षित समूह तैयार किया जाएगा। यह समूह प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों को दिशा देने के साथ ही जिला स्तर पर कार्यरत मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में सहयोग करेगा।

बैठक में प्रशिक्षण के साथ अभ्यास, मॉक ड्रिल और व्यावहारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि नियमित अभ्यास और अनुभव से सीखने की प्रक्रिया के माध्यम से कार्मिकों को वास्तविक आपदा की स्थिति में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए तैयार किया जा सकेगा।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विभागीय आवश्यकताओं और स्थानीय आपदा जोखिमों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य में ऐसी प्रशिक्षित मानवशक्ति विकसित करना है, जो आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली के कार्यों में प्रभावी भूमिका निभा सके।

बैठक में एसीईओ प्रशासन प्रकाश चंद्र, एसीईओ क्रियान्वयन एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, एसडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी, डॉ. पीडी माथुर, मोहित पूनिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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