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August 5, 2026
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VIDEO देवठान एकादशी पर दुखद खबर : वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ मचने से 10 श्रद्धालुओं की मौत, बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या, वीडियो


आज एक बार फिर हमारे देश में धार्मिक स्थल में भगदड़ मचने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। मरने वालों में अधिकांश महिलाएं हैं। आज पूरे देश भर में देवउठान एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। दक्षिण भारत के राज्य आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार को एकादशी के दौरान भगदड़ मचने से 10 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भारी भीड़ के कारण रेलिंग गिर गई। घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।



दरअसल कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी शनिवार को होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में उमड़ पड़े हैं। बचाव कार्य जारी है। हालांकि, मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। चंद्रबाबू नायडू ने ट्वीट किया, श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। यह बेहद दुखद है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भक्तों की मृत्यु हो गई। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।




श्रीकाकुलम वेंकटेश्वर मंदिर आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। इसे उत्तरा तिरुपति यानी उत्तर का तिरुपति भी कहा जाता है क्योंकि इसका स्वरूप और पूजा-पद्धति तिरुपति बालाजी मंदिर से मिलती-जुलती है। यहां भगवान वेंकटेश्वर (श्री विष्णु) की पूजा की जाती है, जिन्हें स्थानीय लोग श्रीनिवास, बालाजी या गोविंदा नामों से भी पूजते हैं। यह मंदिर 11वीं–12वीं सदी में बनाया गया माना जाता है, जब चोल और चालुक्य शासकों का प्रभाव इस क्षेत्र में था। हर साल खास अवसरों जैसे एकादशी, कार्तिक मास और अन्य पर्वों पर यहां हजारों भक्त इकट्ठा होते हैं। मंदिर परिसर में पूजा, भोग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। माना जाता है कि यहां दर्शन करने से सुख-समृद्धि और शांति मिलती है।

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