उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार से राज्य के लगभग सभी जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो गया है। राज्यभर में कुल 173 सड़कें बंद होने की जानकारी है, जिनमें कई प्रमुख ग्रामीण और संपर्क मार्ग भी शामिल हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इस बीच उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते भागीरथी (गंगा) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का तेज बहाव स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
राज्य के विभिन्न जिलों में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमें बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। जहां-जहां भूस्खलन हुआ है, वहां मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए उत्तराखंड में फिलहाल सतर्कता बरतना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

