ओडिशा के पुरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और लगातार बारिश के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक भगदड़ या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मरीचि कुंड चौक के पास बैरिकेडिंग की रस्सी गिरने या कुछ श्रद्धालुओं के संतुलन खोने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दर्जनों श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, घुटन, भीड़ के दबाव और अन्य चोटों की शिकायत के चलते अब तक 200 से अधिक श्रद्धालुओं को पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
इस बीच फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के आईजीपी डॉ. उमाशंकर दास ने बताया कि पहली बार रथ यात्रा में 25 विशेष रेस्क्यू यूनिट तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में पांच प्रशिक्षित कर्मी और आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 100 श्रद्धालुओं को भीड़ में फंसने और दम घुटने जैसी स्थिति से सुरक्षित निकालकर अस्पताल या अस्थायी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया है।
गुरुवार को लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे। ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ देव विग्रहों को श्रीमंदिर से सजे-धजे रथों तक लाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और ओडिसी नृत्य के बीच रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ, हालांकि अनुष्ठान निर्धारित समय से पहले शुरू होने के बावजूद इसके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई।

