हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कांवड़ मेले की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कांवड़ मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और देशभर से आने वाले शिवभक्तों के स्वागत के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। इसे देखते हुए यात्रा मार्ग, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान अस्थायी और स्थायी दुकान लगाने वाले सभी व्यापारियों के लिए पंजीकरण और आवश्यक प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे। बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी व्यक्ति को दुकान लगाने या व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में स्वच्छता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी फैलाने या श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर निगम और प्रशासन की टीमें लगातार होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, फर्जीवाड़े या नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नाम बदलकर दुकान चलाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन सभी पहलुओं पर नजर बनाए हुए है और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के नागरिकों, साधु-संतों और सामाजिक संगठनों से देशभर से आने वाले शिवभक्तों का स्वागत करने का आह्वान किया। साथ ही श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी।

