उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार में आयोजित आम महोत्सव कार्यक्रम के दौरान ‘बीज संजीवनी अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम, जामुन, कटहल, नीम और बेल के बीज रोपित कर अभियान की शुरुआत की तथा प्रदेशवासियों से इसे जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आम, जामुन, कटहल, बेल सहित अन्य फलों के बीजों को फेंकने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रोपित करें, ताकि भविष्य में अधिक से अधिक वृक्ष विकसित हो सकें और प्राकृतिक हरित आवरण बढ़ाया जा सके।
उन्होंने बताया कि बीज संजीवनी अभियान की शुरुआत हरिद्वार से की गई है, जिसे जल्द ही पूरे प्रदेश में जनआंदोलन के रूप में विस्तार दिया जाएगा। इस पहल से प्राकृतिक रूप से अधिक पौधों का विकास होगा, जिससे हरित हरिद्वार अभियान को नई गति मिलेगी। साथ ही जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और प्रदेश के सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति फल खाने के बाद उसके बीज को रोपित करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का हरित क्षेत्र तेजी से बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता से संचालित बीज संजीवनी अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी जनआंदोलन बनेगा और उत्तराखंड को अधिक हरा-भरा, समृद्ध एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक राज्य बनाने में अहम योगदान देगा।

