लू और अत्यधिक गर्मी को लेकर आयुष मंत्रालय ने जारी की स्वास्थ्य सलाह - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 11, 2026
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लू और अत्यधिक गर्मी को लेकर आयुष मंत्रालय ने जारी की स्वास्थ्य सलाह

देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने जन स्वास्थ्य संबंधी व्यापक परामर्श जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत आयुष वर्टिकल द्वारा जारी इस सलाह में गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है।

गर्मी से बचाव के लिए दिए गए दिशा-निर्देश

परामर्श में आम जनता, संवेदनशील समूहों, नियोक्ताओं, श्रमिकों और बड़े सार्वजनिक एवं खेल आयोजनों में भाग लेने वाले लोगों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय सीधे सूर्य की रोशनी से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फलों व इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है।

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा

आयुष मंत्रालय ने कहा है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग लू के दौरान अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों के लिए अतिरिक्त देखभाल और निगरानी की आवश्यकता बताई गई है।

कार्यस्थलों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए विशेष सावधानियां

परामर्श में कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और बाहरी गतिविधियों के लिए भी विशेष सावधानियां सुझाई गई हैं। इनमें छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था, नियमित जलपान अवकाश, श्रमिकों के लिए अनुकूलन उपाय और गर्मी से होने वाले तनाव के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

हीटस्ट्रोक को बताया चिकित्सा आपातस्थिति

आयुष मंत्रालय ने नागरिकों को चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। परामर्श में हीटस्ट्रोक को चिकित्सा आपातस्थिति बताते हुए कहा गया है कि गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर 108 और 102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।

आयुष पद्धतियों के पारंपरिक उपाय भी शामिल

DGHS के आयुष वर्टिकल द्वारा जारी परिशिष्ट में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी जैसी विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक स्वास्थ्य और निवारक उपायों को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद विभाग ने मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेयों के सेवन की सलाह दी है। साथ ही निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका जैसे पारंपरिक पेयों का सेवन करने को कहा गया है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

योग और यूनानी पद्धति में भी सुझाव

सिद्ध और योग अनुभागों में शीतलता प्रदान करने वाले पेयों के साथ शीतली प्राणायाम और हल्के योग अभ्यास अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके। वहीं यूनानी पद्धति में धूप से झुलसने और डीहाइड्रेशन से बचाव के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह दी गई है। होम्योपैथी अनुभाग में भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है।

खानपान और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह

परामर्श में लोगों को खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसे हाइड्रेटिंग एवं शीतलता देने वाले खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नियमित नजर रखने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई

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