लखनऊ के अलीगंज स्थित भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हादसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी कार्रवाई के तहत सहायक अभियंता (AE) अनिल कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSSO) कमलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता (XEN) गौरव कुमार और जूनियर इंजीनियर (JE) प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर भवन सुरक्षा, निरीक्षण और नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही के आरोप हैं।
वहीं, जांच के आधार पर रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र शुक्ला और तुषॉक कृष्णा जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई और अवैध गतिविधियों को किसके संरक्षण में संचालित किया जा रहा था।
सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि शहर में ऐसे सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक भवनों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड में कई लोगों की जान चली गई थी और अनेक छात्र घायल हुए थे, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और भवन मानकों को लेकर सवाल उठने लगे थे। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई को जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जबकि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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