Uttarakhand DIPR
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November 1, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

कैलाश मानसरोवर यात्रा आज से शुरू : नाथू ला और लिपुलेख को मिला विशेष आव्रजन चेकपोस्ट का दर्जा,नाथू ला मार्ग से रवाना होगा पहला जत्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल

केंद्र सरकार ने आज, शनिवार 20 जून से शुरू हो रही पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के मद्देनजर महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे को अस्थायी रूप से अधिकृत आव्रजन चेकपोस्ट घोषित किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था यात्रा अवधि के दौरान लागू रहेगी और वैध पासपोर्ट तथा अन्य आवश्यक यात्रा दस्तावेज रखने वाले यात्रियों पर प्रभावी होगी।

यात्रा के पहले जत्थे के श्रद्धालु सिक्किम पहुंच चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार 44 सदस्यीय दल में 32 पुरुष और 12 महिला श्रद्धालु शामिल हैं। इनके साथ दो संपर्क अधिकारी तथा एक चिकित्सा अधिकारी भी यात्रा पर रहेंगे, जो पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की सहायता और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखेंगे।

यह दल 20 जून को सिक्किम के नाथू ला दर्रे से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यांत्से शहर के लिए रवाना होगा। ग्यांत्से कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट केंद्र माना जाता है, जहां से आगे की यात्रा पूरी की जाती है। श्रद्धालु वहां से कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत आस्था का विषय मानी जाती है। समुद्र तल से ऊंचाई पर स्थित कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।

भारत और चीन के बीच आपसी सहमति के तहत आयोजित होने वाली यह यात्रा कई वर्षों से दोनों देशों के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का प्रतीक रही है। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों ने यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और निर्बाध आवागमन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा के आगामी जत्थों को भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नाथू ला और लिपुलेख मार्गों से भेजा जाएगा।

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