September 14, 2026
Daily Lok Manch
धर्म/अध्यात्म

14 सितंबर, सोमवार का पंचांग

*जय श्री सीता राम*

🌞~*आज का पञ्चाङ्ग* ~🌞

🌤️ *दिनांक – 14 सितंबर 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *संवत्सर – रौद्र*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *कलि युगाब्द – 5128*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️*मास – भाद्रपद*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – तृतीया सुबह 07:06 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – चित्रा दोपहर 01:55 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग – ब्रह्म दोपहर 12:47 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️*राहुकाल – सुबह 07:30 से सुबह 09:00 तक*
🌞 *सूर्योदय – 05:53*
🌞 *सूर्यास्त –  06:07*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
🌤️ *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🔥 *अग्निवास*🔥
03+02+01=06÷4=02 पाताल लोक में।❌❌
🔱 *शिववास*🔱
03+03+5=11÷7 =04 सभायाम वासे। ❌❌
🚩व्रत पर्व विवरण –  हरितालिका तीज,विनायक चतुर्थी,श्रीगणेश चतुर्थी,(चंद्र-दर्शन निषिद्ध,चद्रास्त: रात्रि 08:53),श्रीगणेश महोत्सव प्रारंभ
विशेष- तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
✨ चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
✨ चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
*मंगलवारी चतुर्थी*
⏩ 15 सितम्बर 2026 मंगलवार को सूर्योदय से सुबह 07:44 तक मंगलवारी चतुर्थी है ।
⚜️ मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग
🙏🏻 मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।
👉मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…

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