October 5, 2026
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उत्तराखंड

सीएम धामी के प्रयासों से खटीमा के एकलव्य विद्यालय को मिलेगी नई सौगात

तीन दिवसीय उत्तराखण्ड आदि रंगोत्सव में देशभर की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं का रंग देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनसभा को संबोधित करते हुए जनजातीय समाज के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य विभिन्न जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना था।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास का टेंडर पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विद्यालय में 240 बालक और 240 बालिकाओं समेत कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी।

उन्होंने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाजपुर, चकराता और देहरादून के कालसी समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी एकलव्य विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदाय प्रदेश की पहचान को समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग हादसों, भूस्खलन और अन्य चुनौतियों के दौरान उन्होंने प्रभावी ढंग से काम किया है।

रिजिजू ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सभी अतिथियों, कलाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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