हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया है। चंबा जिले में सोमवार देर रात हुआ एक सड़क हादसा पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में छोड़ गया। खुशियों और उम्मीदों के साथ चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहा एक परिवार कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गया। जिस मासूम बच्चे के इलाज के बाद परिवार राहत की सांस लेकर घर की ओर लौट रहा था, उसी बच्चे समेत परिवार के पांच सदस्य रास्ते में जिंदगी की जंग हार गए। रात के अंधेरे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई इस दर्दनाक दुर्घटना ने कई घरों के चिराग एक साथ बुझा दिए। हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। एक पल में तीन पीढ़ियों के लोगों को खो देने वाली इस त्रासदी ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
चंबा जिले के पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गांव के समीप सोमवार देर रात एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान बचन सिंह पुत्र नारायण सिंह निवासी गेहरा, उनके पुत्र रिपन कुमार, पुत्रवधू रिम्पी, कीर्ति तथा एक वर्षीय मासूम बच्चे के रूप में हुई है। रिपन कुमार हिमाचल प्रदेश पुलिस की द्वितीय भारतीय रिजर्व बटालियन (सेकेंड आईआरबीएन) सकोह में तैनात थे। वहीं कीर्ति, बचन सिंह के सगे भाई की बेटी थी और चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही थी।
बताया जा रहा है कि परिवार एक वर्षीय बच्चे का उपचार करवाने के लिए चंडीगढ़ गया हुआ था। इलाज के बाद सभी लोग घर लौट रहे थे, लेकिन लाहाड़ गांव के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि किसी को भी बचाने का मौका नहीं मिल सका।
स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद शवों को खाई से बाहर निकाला गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि रात के समय सड़क पर वाहन का नियंत्रण बिगड़ने से यह हादसा हुआ, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे चंबा जिले को शोक में डुबो दिया है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की असमय मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में बच्चे के स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद थी, वहां अब अंतिम संस्कार की तैयारियां हो रही हैं। परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता की याद दिलाता है। चंबा की इस दर्दनाक त्रासदी ने कई सवाल छोड़ दिए हैं, लेकिन फिलहाल पूरे क्षेत्र की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने एक ही रात में अपने पांच प्रियजनों को खो दिया।

