उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अपने हिस्से की लगभग 78 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जबकि शेष भूमि का अधिग्रहण इसी माह के अंत तक पूरा करने का दावा किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) भी परियोजना के लिए करीब 52 प्रतिशत जमीन खरीद चुका है।
प्रदेश सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की योजना तैयार की है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रयागराज और पूर्वी क्षेत्रों की ओर यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
करीब 74.3 किलोमीटर लंबे इस गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा के अधिसूचित क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इस मार्ग को यीडा के सेक्टर-21 के पास बनाए जाने वाले इंटरचेंज के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह एक्सप्रेसवे आगे बढ़ते हुए गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे के बीच निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।
परियोजना के लिए यीडा को अपने अधिसूचित क्षेत्र में 225 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए राज्य सरकार ने 1,209 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की थी। प्राधिकरण के अनुसार अब तक लक्ष्य का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है और शेष जमीन का अधिग्रहण तेजी से किया जा रहा है।
दूसरी ओर, एक्सप्रेसवे के बाकी हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य यूपीडा की ओर से किया जा रहा है। प्राधिकरण ने अब तक लगभग 52 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि पूरे प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण जल्द से जल्द पूरा कर निर्माण कार्य बिना किसी देरी के शुरू किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस परियोजना की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जुलाई के अंत तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि जमीन अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण एजेंसियां मौके पर काम शुरू कर देंगी।
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होने से यात्रियों का समय बचेगा, परिवहन लागत कम होगी और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

