उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित आम महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीक, वैश्विक बाजार और गुणवत्ता आधारित उत्पादन से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित खेती, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और निर्यात को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश के आम को दुनिया के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में विभिन्न किस्मों के आमों का अवलोकन किया और उत्पादकों से उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। इस दौरान करीब आधा किलो वजनी आम उनकी उत्सुकता का केंद्र बना। उन्होंने दोनों हाथों में आम लेकर तस्वीर भी खिंचवाई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के कृषि उत्पाद रसायन-मुक्त हों और गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा तथा वैश्विक मानकों पर पूरी तरह खरे उतरें। इसके लिए किसानों को आम की सुरक्षा के लिए विशेष बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे फलों की गुणवत्ता और बेहतर बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम महोत्सव केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने का प्रभावी मंच है। बायर्स-सेलर्स मीट के माध्यम से उत्पादकों को अपने उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मलिहाबाद के दशहरी आम को जीआई टैग मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, जिससे क्षेत्र के बागवानों और प्रदेश के बागवानी उत्पादों को बड़ा लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि आम उत्पादकों की सुविधा के लिए प्रदेश में चार आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। उत्कृष्ट उत्पादकों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का आम ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मलेशिया और कुवैत समेत कई देशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक विशेष किस्म के आम को ‘काकोरी ब्रांड’ नाम दिया गया है, जो देशभक्ति और समर्पण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और कृषि विकास की मजबूत नींव किसान हैं। किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

