September 21, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

सेवा नियमों की आसान समझ के लिए बनी मार्गदर्शिका, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘सेवा विधि’ पुस्तक का विमोचन



देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आईएएस आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए आईएएस आर.सी. लोहनी के इस प्रयास की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूर्ण समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु, सरल और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय सरल और व्यवस्थित रूप में एक ही स्थान पर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा विधि’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें सेवाकाल के दौरान सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में लिया गया हर निर्णय समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है या किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाता है, तब वह वास्तविक अर्थों में राष्ट्रसेवा करता है। इसलिए एक लोकसेवक के लिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं ऐसे अधिकारियों के साथ काम किया है, जो नियमों की भावना को समझते हैं। ऐसे अधिकारी नियमों को बाधा नहीं बनने देते, बल्कि उन्हीं के दायरे में रहकर जनहित का रास्ता निकालते हैं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए।

पुस्तक के लेखक आईएएस आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक में सरकारी सेवाओं से संबंधित संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों, शासनादेशों तथा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों एवं सिद्धांतों को समाहित किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचंद्र शर्मा, हंसादत्त पांडेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तड़ानी, डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल (सेवानिवृत्त) शिव सहरावत, वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) पी.सी. वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी दीपक जोशी, रणधीर अरोड़ा, पूरन सिंह रावत, अश्विनी सिंह नेगी, आर.सी.एस. बिष्ट, विकास श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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