वर्षाकाइस वर्ष चारधाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या कम रही हो, लेकिन हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में दर्शन को रिकार्ड यात्री पहुंचे। यह हेमकुंड साहिब यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी संख्या है। 25 मई को कपाट खुलने से लेकर आठ अक्टूबर तक 2.71 लाख से अधिक यात्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में मत्था टेक चुके हैं। दोनों धाम के कपाट 10 अक्टूबर को बंद किए जाने हैं।
चमोली जिले में समुद्रतल से 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर की यात्रा को अति दुर्गम माना जाता है। दोनों ही धाम के कपाट 22 मई से एक जून के मध्य खोले जाते हैं और 10 अक्टूबर को बंद कर दिए जाते हैं। धाम में ठहरने की सुविधा नहीं है, इसलिए यात्रियों को दर्शन करने के बाद तुरंत घांघरिया के लिए वापसी करनी पड़ती है।
बावजूद इसके इस बार यहां पहुंचने वाली यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। बताया गया कि इस बार विदेश से भी बड़ी संख्या में यात्री हेमकुंड पहुंच रहे हैं। ट्रेकिंग का आकर्षण भी उन्हें यहां खींच रहा है।
खास बात यह कि फूलों की घाटी के भी हेमकुंड के बेस कैंप घांघरिया के पास होने के कारण यह ट्रेक गुलजार है। फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या हेमकुंड आने वाले यात्रियों की है।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनजमेंट ट्रस्ट 10 अक्टूबर को कपाट बंद करने की तैयारियों में जुटा है। बुधवार को 500 से अधिक यात्रियों ने धाम में मत्था टेका। अब तक हेमकुंड साहिब में दो फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है। हेमकुंड से अटलाकोटी तक तीन किमी क्षेत्र भी बर्फ से लकदक हो गया है। इसलिए यात्री खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।

