Uttarakhand economic Survey आर्थिक सर्वेक्षण में उभरी नई तस्वीर: चार साल में डेढ़ गुनी हुई उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 16, 2026
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Uttarakhand economic Survey आर्थिक सर्वेक्षण में उभरी नई तस्वीर: चार साल में डेढ़ गुनी हुई उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था


उत्तराखंड में 9 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले राज्य सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में तेज बढ़ोतरी हुई है, गरीबी में कमी आई है और आम लोगों की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का दावा है कि यह प्रगति सुशासन, विकास योजनाओं और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों को राज्य की विकास यात्रा का प्रमाण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2022 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय जहां 1.94 लाख रुपये थी, वह बढ़कर 2 लाख 73 हजार 921 रुपये तक पहुंच गई है। इसी अवधि में राज्य में गरीबी का स्तर 9.7 प्रतिशत से घटकर 6.92 प्रतिशत रह गया है, जो सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देता है।



जीएसडीपी में तेज उछाल, विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान–


प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आर्थिक सर्वेक्षण जारी करते हुए बताया कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगातार विस्तार कर रही है। वर्ष 2022-23 में प्रदेश की जीएसडीपी 1.9 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2.3 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस अवधि में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। उन्होंने बताया कि रियल प्रति व्यक्ति जीएसडीपी भी लगातार बढ़ रही है और इसके 1.5 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो लगभग 6.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान सबसे अधिक 26.02 प्रतिशत है, जो औद्योगिक विकास की मजबूती को दर्शाता है। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 में प्रदेश में लगभग 59 हजार उद्योग थे, जो अब बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गए हैं। इसी अवधि में बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र ने रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2022 में एमएसएमई क्षेत्र से लगभग 3 लाख 43 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा था, जबकि वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 4 लाख 56 हजार से अधिक हो गई है। इससे स्पष्ट है कि छोटे उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।




स्टार्टअप संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा–


प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की पहल का असर भी आर्थिक सर्वेक्षण में दिखाई देता है। वर्ष 2017 में उत्तराखंड में एक भी स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था, जबकि वर्ष 2022 तक 702 स्टार्टअप पंजीकृत हुए। अब इनकी संख्या बढ़कर 1,750 से अधिक हो गई है। युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न शिक्षण संस्थानों में बूट कैंप और नवाचार कार्यक्रम आयोजित कर रही है। चयन प्रक्रिया के बाद उत्कृष्ट नवाचारों को नकद पुरस्कार और अन्य सहयोग प्रदान किया जाता है, जिससे युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।



उत्तराखंड में पर्यटन के साथ बढ़े होटल और होमस्टे–



उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है और आर्थिक सर्वेक्षण में इस क्षेत्र की प्रगति भी सामने आई है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 8,225 होटल थे, जिनकी संख्या बढ़कर 10,509 हो गई है। इसी तरह होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,061 तक पहुंच गई है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हवाई संपर्क भी मजबूत किया गया है। वर्ष 2022 में राज्य में केवल 2 हेलीपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 7 हो गए हैं। वहीं हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच गई है। पिछले चार वर्षों में प्रदेश में 885 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण भी किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है।



राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार—



आर्थिक सर्वेक्षण में शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया गया है। प्राथमिक विद्यालयों में ग्रॉस एनरोलमेंट रेट 91.19 प्रतिशत से बढ़कर 103 प्रतिशत से अधिक हो गया है। माध्यमिक स्तर पर भी यह आंकड़ा 88.23 प्रतिशत से बढ़कर 93.54 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भी कमी आई है। प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 1.64 प्रतिशत से घटकर 1.41 प्रतिशत हो गई है, जबकि माध्यमिक स्तर पर यह 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत रह गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है, जबकि सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 तक पहुंच गई है।



बिजली उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र में वृद्धि–



ऊर्जा क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 5,157 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। इसी अवधि में बिजली की खपत भी 12,518 मिलियन यूनिट से बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट हो गई है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2022 में सोलर पावर से 439 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 1,027 मेगावाट तक पहुंच गया है। राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में औसत जीवन प्रत्याशा 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है। शिशु मृत्यु दर 22 से घटकर 20 पर आ गई है, जबकि मातृ मृत्यु दर 103 से घटकर 91 तक पहुंच गई है। स्वच्छता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। वर्ष 2022 में प्रदेश के 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी, जो अब 100 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।



कृषि और जड़ी-बूटी की खेती में बढ़ोतरी–



कृषि क्षेत्र में भी उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की गई है। धान और गेहूं की उत्पादकता 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है।
सबसे उल्लेखनीय वृद्धि औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती में हुई है। वर्ष 2022 में इसका क्षेत्रफल केवल 900 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर तक फैल गया है। पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ा है। दूध उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है, जबकि मछली उत्पादन 7,325 टन से बढ़कर 10,487 टन के पार पहुंच गया है।




गैरसैंण में 9 मार्च से शुरू होगा बजट सत्र–





राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) संशोधन विधेयक भी शामिल है, जिसमें कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार पहचान छिपाकर विवाह करने पर मामला दर्ज किया जा सकेगा और ऐसी शादी को अमान्य माना जाएगा। इसके अलावा निवेश प्रोत्साहन और श्रम व्यवस्था से जुड़े संशोधन विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन कदमों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब प्रदेश में विकास और निवेश को लेकर सरकार सक्रिय है। रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में उद्योग, पर्यटन और नवाचार के क्षेत्र में और अधिक अवसर पैदा होने की संभावना है।

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