दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घटाने के लिए ₹9,585 करोड़ की बड़ी योजना मंजूर - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 24, 2026
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राष्ट्रीय

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घटाने के लिए ₹9,585 करोड़ की बड़ी योजना मंजूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दो वर्षीय विशेष योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल 9,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

योजना का वित्तपोषण National Capital Region Planning Board  (NCRPB)  द्वारा किया जाएगा। इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों के सहयोग से लागू करेंगे।

इस योजना का उद्देश्य बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 या उससे बेहतर मानकों वाले वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना है। इससे दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में परिवहन क्षेत्र पीएम 2.5 प्रदूषण का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन का 63 प्रतिशत हिस्सा है। ट्रक और बसें कुल वाहन बेड़े का केवल 3 प्रतिशत हैं, लेकिन पीएम 2.5 उत्सर्जन में उनकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है।

योजना से करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, जिनमें 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसों के मालिक शामिल हैं।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

केंद्र सरकार वाहन ऋण पर पांच वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देगी।
वाहन श्रेणी के अनुसार हर महीने 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर दिए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
राज्य सरकारें नए वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क माफ करेंगी।
मोटर वाहन कर में 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियां भी माफ की जाएंगी।
वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक की छूट देंगी।
पुराने वाहनों के लिए नियम

बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर कबाड़ करना अनिवार्य होगा। वहीं बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप किया जा सकता है या एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों में बेचा जा सकता है।

दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक श्रेणी की ही खरीदी जा सकेंगी।

योजना के संचालन के लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से पात्रता जांच, ब्याज सब्सिडी, ईंधन वाउचर और प्रदूषण में कमी की निगरानी की जाएगी। योजना की निगरानी कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक सशक्त समिति करेगी।

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