देहरादून आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के शुरू होने से राजधानी दिल्ली से देहरादून की दूरी अब महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी, जो पहले करीब 6 घंटे का समय लेती थी। 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को हाईटेक कनेक्टिविटी से जोड़ने जा रहा है।
प्रधानमंत्री सुबह करीब 10:30 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से सहारनपुर के गणेशपुर जाएंगे, जहां एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन के बाद पीएम देहरादून पहुंचकर मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर मेजर जसंवत सिंह मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल से लेकर मंदिर परिसर तक चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। मंदिर को खास तौर पर सजाया गया है—करीब तीन क्विंटल फूलों से भव्य सजावट की गई है, जिसमें एंथुरियम, एस्टर, डेजी और गुलदाउदी जैसे फूल शामिल हैं।
एक्सप्रेसवे की खासियतें: हाईटेक, तेज और पर्यावरण के अनुकूल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का शानदार उदाहरण है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
कुल लंबाई: 213 किलोमीटर
निर्माण लागत: लगभग 12,000–13,000 करोड़ रुपये
113 अंडरपास और 5 रेलवे ओवरब्रिज
76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड
340 मीटर लंबी डाट काली टनल
पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड (कोई डायरेक्ट कट या यू-टर्न नहीं)
मल्टीपल एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स
हाईटेक लाइटिंग और सर्विलांस सिस्टम
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन
इस एक्सप्रेसवे पर सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि जाम से राहत मिलेगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा।
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💰 टोल और सफर से जुड़ी जानकारी
कार के लिए वन-वे टोल: ₹675
24 घंटे में दोनों तरफ यात्रा: ₹1000
पूरी तरह FASTag आधारित टोल सिस्टम
दिल्ली से बागपत (खेकड़ा) तक कोई टोल नहीं
खेकड़ा के बाद टोल लागू होगा
इकोनॉमिक कॉरिडोर और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन
इस परियोजना का एक बड़ा आकर्षण 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो वन्यजीवों और इंसानों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। यह देश के सबसे लंबे वन्यजीव गलियारों में से एक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना को लेकर कहा है कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लाखों लोगों के लिए विकास का नया रास्ता खोलेगा। इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, आज का दिन उत्तराखंड और आसपास के राज्यों के लिए विकास की नई दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी, तेज यात्रा और आधुनिक सुविधाओं के साथ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आने वाले समय में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर का एक प्रमुख उदाहरण बनने जा रहा है।

