हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों तथा पत्रकारिता जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि दो शताब्दियों की इस गौरवशाली यात्रा में हिंदी पत्रकारिता ने न केवल समाज को जागरूक किया है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी पत्रकारिता देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की सशक्त वाहक रही है। पत्रकारिता ने समय-समय पर समाज के सामने आने वाली चुनौतियों, जनसरोकारों और राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर जनमत निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज भी पत्रकारिता समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य कर रही है तथा लोगों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनी हुई है।
हिंदी पत्रकारिता का 200 वर्षों का गौरवशाली सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मई 1826 को प्रकाशित ‘उदन्त मार्तण्ड’ से प्रारंभ हुई हिंदी पत्रकारिता की यात्रा आज 200 वर्ष पूरे कर रही है। इन दो शताब्दियों में हिंदी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर अपनी सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाई है। समाज में जागरूकता फैलाने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने में हिंदी पत्रकारिता का योगदान अविस्मरणीय रहा है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति भी है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बनी हुई है।
लोकतंत्र की मजबूती का प्रमुख आधार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बदलते समय और तकनीक के इस दौर में पत्रकारिता की जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई हैं। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का प्रमुख आधार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पत्रकारिता जगत भविष्य में भी अपनी गरिमा, विश्वसनीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व को बनाए रखते हुए राष्ट्र और समाज के विकास में योगदान देता रहेगा।
सूचना महानिदेशक ने भी दी शुभकामनाएं
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित की भावना आज भी पत्रकारिता की मूल आत्मा है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना भी है।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सफलता
बंशीधर तिवारी ने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सफल पत्रकारिता की पहचान है। पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी पत्रकारिता आने वाले समय में भी अपनी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की यह ऐतिहासिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए गर्व का विषय है।

