कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान उस भयावह घटना को याद किया। उन्होंने बताया कि हमले के बाद वह घायल होकर जमीन पर गिर गए थे। उस समय उन्हें एहसास हुआ कि यदि वह दोबारा उठकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल नहीं हुए, तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने हिम्मत जुटाई और दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्री और क्रू सदस्य मदद के लिए अंदर पहुंचे।
बातचीत के दौरान कैप्टन ने यह भी बताया कि मुश्किल घड़ी में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा, “उस समय मैं हनुमान चालीसा बोल रहा था और मुझे पता है कि मुझे भगवान ने ही बचाया है।” उनके इस अनुभव ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत को भावुक बना दिया।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?
जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर को दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बीच आसमान में सुरक्षा संबंधी गंभीर घटना हुई। आरोप है कि विमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और विमान को संकट में डालने की कोशिश की। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान में लगभग 174 लोग सवार थे।
हमले के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। स्थिति को देखते हुए विमान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस घटना के बाद कैप्टन को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह घटना संकट की घड़ी में सूझबूझ, जिम्मेदारी और दूसरों की जान बचाने के लिए दिखाई गई हिम्मत की मिसाल बनकर सामने आई है।
वीडियो में देखें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छार के बीच हुई भावुक बातचीत, जिसमें घायल पायलट ने विमान में हुए हमले और उस कठिन समय में हनुमान चालीसा का पाठ करने का अनुभव साझा किया।

