September 10, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

Uttrakhand budget session: उत्तराखंड बजट सत्र शुरू, कैबिनेट बैठक में सीएम धामी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव किए पारित, विधायक निधि बढ़ाई, राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10% आरक्षण देने का किया एलान, महिला मंगल दलों को भी दी सौगात, सदन में कांग्रेस ने सरकार को घेरा



उत्तराखंड में आज बजट सत्र की शुरुआत हुई। बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। 18 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र में धामी सरकार 15 मार्च को बजट पेश करेगी। वहीं इस बजट सत्र को लेकर कई दिनों से विपक्ष कांग्रेस भी उत्तराखंड सरकार को घेरने के लिए तैयार थी। आज सुबह जैसे ही राजधानी भराड़ीसैंण के विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत हुई वैसे ही विपक्ष ने नारेबाजी हंगामा करना शुरू कर दिया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल गुरमीत सिंह के भाषण से हुई। ‌राज्य में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में धांधली, महंगाई और अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा भवन के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। उसके बाद सदन में राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण के बीच कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान जब राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रहे थे तो राज्यपाल ने वेल में हंगामा कर रहे विपक्ष से हाथ जोड़कर निवेदन किया।

राज्यपाल के निवेदन पर विपक्ष ने कुछ देर के लिए नारेबाजी बंद की। लेकिन वह हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए थे। कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन में अडानी पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट का मुद्दा भी उठाया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा और मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। बजट सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। गैरसैंण में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य आंदोनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्रस्ताव आया। जिस पर मुहर लग गई। कैबिनेट की बैठक में राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली। बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली। विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई। मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे। महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई। बता दें कि वर्ष 2011 से राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राजभवन की ओर से कुछ आपत्ति के बाद इसे वापस लौटा दिया गया था। महिला मंगल दलों को 50 लाख मिलेंगे, अभी तक विधायकों को तीन करोड़ 75 लाख रुपए विधायक निधि दी जा रही थी। इसके साथ ही महिला मंगल दल को विधायक निधि से दी जाने वाली राशि को बढ़ाने पर भी मंजूरी मिल गई है। ऐसे में अब विधायक निधि से महिला मंगल दल को 50 लाख रुपए तक दिए का सकेंगे। पहले महिला मंगल दल को विधायक निधि से 40 लाख रुपए तक ही देने का प्रावधान था। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए दी जा रही धनराशि में भी बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। इसके तहत धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए अब 50 लाख रुपए दिए जा सकेंगे। पहले सालाना 40 लाख रुपए ही खर्च करने का प्रावधान था।

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