पीएम मोदी से मिले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, 12 साल की सेवा और बंगाल चुनाव जीत पर दी बधाई - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 26, 2026
Daily Lok Manch
Recent

पीएम मोदी से मिले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, 12 साल की सेवा और बंगाल चुनाव जीत पर दी बधाई

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को देश की सेवा के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के लिए भी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने एक्स और फेसबुक पोस्ट में बताया कि प्रधानमंत्री के साथ त्रिपुरा के समग्र विकास और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनता का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है और पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली जीत जनता के उसी विश्वास का प्रतीक है।

त्रिपुरा के विकास और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ आर्थिक विकास, सुशासन सुनिश्चित करने और संगठन को जमीनी स्तर तक और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। माणिक साहा ने कहा कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों को सशक्त बनाया है और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है।

प्रधानमंत्री को भेंट की माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर और उसके पुनर्विकसित परिसर की तस्वीर भेंट की। उन्होंने बताया कि प्रसाद योजना के तहत मंदिर परिसर का व्यापक विकास किया गया है, जिसके बाद अब देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

54 करोड़ रुपए से हुआ मंदिर का पुनर्विकास

पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद (पिलग्रिमेज रीजुवेनेशन एंड स्पिरिचुअल हेरिटेज ऑगमेंटेशन ड्राइव) योजना के तहत 524 वर्ष पुराने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का पुनर्विकास 54 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया गया। इसमें केंद्र सरकार ने 34.43 करोड़ रुपए और त्रिपुरा सरकार ने 17.61 करोड़ रुपए का योगदान दिया।

1501 में हुआ था मंदिर का निर्माण

यह मंदिर वर्ष 1501 में तत्कालीन राजा महाराजा धन्य माणिक्य द्वारा उदयपुर में बनवाया गया था। यह देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है। पूर्वी भारत में कोलकाता के कालीघाट मंदिर और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के बाद यह तीसरा प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है।

1949 में भारतीय संघ में शामिल हुआ था त्रिपुरा

517 वर्षों तक राजशाही व्यवस्था रहने के बाद 15 अक्टूबर 1949 को त्रिपुरा भारतीय संघ में शामिल हुआ था। तत्कालीन रीजेंट महारानी कंचन प्रभा देवी और भारत के गवर्नर जनरल के बीच हुए समझौते के बाद त्रिपुरा का भारतीय संघ में विलय हुआ था।

Related posts

Kedarnath By Election BJP candidate Name Announced : केदारनाथ उपचुनाव सीट पर भाजपा ने उतारा अपना प्रत्याशी, देखें किसको मिला टिकट

admin

25 अक्टूबर, मंगलवार का पंचांग और राशिफल

admin

Pm Modi inaugurated country’s longest bridge कृष्ण नगरी द्वारका में पीएम मोदी ने देश के सबसे लंबे ब्रिज का किया उद्घाटन

admin

Leave a Comment