अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने अंतरिम शांति समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे युद्ध विराम और क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
आईआरएनए द्वारा जारी तस्वीरों में राष्ट्रपति पजशकियान समझौते के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि ट्रम्प अपने हस्ताक्षरित दस्तावेज प्रदर्शित करते नजर आए। हालांकि, हस्ताक्षर के समय पजशकियान किस स्थान पर मौजूद थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ट्रम्प को फ्रांस के ऐतिहासिक Palace of Versailles में समझौते पर हस्ताक्षर करते देखा जा सकता है।
समझौते के तहत ईरान में चल रहे युद्ध को समाप्त करने और लेबनान में संघर्ष विराम की दिशा में प्रयास करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलने तथा अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने का भी प्रावधान शामिल बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि इस शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड के Lucerne के निकट होने थे, लेकिन तय कार्यक्रम से एक दिन पहले ही वर्साय पैलेस में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने भी समझौते की हार्ड कॉपी पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इस संबंध में अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस कदम के साथ अंतिम शांति समझौते तक पहुंचने के लिए प्रस्तावित 60 दिनों की वार्ता अवधि शुरू हो गई है या नहीं। साथ ही यह भी साफ नहीं हो पाया है कि वर्साय में किए गए हस्ताक्षर पहले किए गए डिजिटल हस्ताक्षरों से किस प्रकार अलग हैं। इसके बावजूद, दोनों देशों के इस कदम को पश्चिम एशिया में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक पहल माना जा रहा है।
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