वाशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित शांति समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर से पहले ही तनाव कम होने के संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ लागू समुद्री नाकेबंदी हटाते हुए उसके बंदरगाहों से एक दर्जन से अधिक जहाजों को रवाना होने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही करीब 110 दिनों से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि समझौते के तहत नाकेबंदी में ढील दी गई है और होर्मुज मार्ग से तेल परिवहन दोबारा शुरू हो चुका है। उनके अनुसार बुधवार रात इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से 12.5 मिलियन बैरल से अधिक तेल का परिवहन किया गया। उन्होंने इसे समझौते का पहला बड़ा और तात्कालिक लाभ बताते हुए उन आलोचनाओं को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि यह समझौता ईरान के पक्ष में ज्यादा झुका हुआ है।
उधर, समुद्री डेटा कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार समझौते की घोषणा के बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते अपने जहाज भेजने शुरू कर दिए हैं। पिछले लगभग 110 दिनों में पहली बार बड़ी वैश्विक कंपनियों के स्वामित्व वाले जहाज इस मार्ग से गुजर रहे हैं।
गौरतलब है कि फरवरी से यह रणनीतिक समुद्री मार्ग प्रभावी रूप से बाधित था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ रहा था। अब जहाजों की वापसी और तेल परिवहन बहाल होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

