August 31, 2026
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धर्म/अध्यात्म

आज से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू, यह दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी है

आज 19 मार्च 2026, गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। यह दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। देशभर के मंदिरों और घरों में आज से ही माता रानी की आराधना का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां से जानें आज 19 मार्च 2026 के बारे में विस्तार से जानकारी। देखें आज चैत्र नवरात्र 2026 के पहले दिन कौन सी मां की पूजा होगी, आज का शुभ रंग क्या है और आज कलश स्थापना का टाइम क्या रहेगा।
आज 19 मार्च 2026 को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि होने के नाते आज से चैत्र नवरात्रि 2026 का आरंभ हो गया है। साल में आने वाली दो नवरात्रि में से यह पहली नवरात्रि है जिसमें माता रानी के 9 अलग अलग स्वरूपों की पूजा होगी। इसमें अष्टमी तिथि दुर्गाष्टमी के रूप में मनाई जाएगी। वहीं इसका समापन नवमी तिथि के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि की नवमी को श्री राम का जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।पंचांग के अनुसार आज यानी 19 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस तिथि का आरंभ मार्च 19, 2026 को सुबह 06:52 बजे होगा और समापन 20 मार्च 2026 को सुबह 4:52 पर होगा। उदया तिथि के आधार पर आज यानी 19 मार्च से नवरात्रि का पहला दिन माना जा रहा है। इसी दिन से नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का विधिवत आरंभ होता है।



नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है और यह शक्ति, स्थिरता और साहस का प्रतीक हैं। आज के दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की वृद्धि होती है।

आज 19 मार्च 2026 का शुभ रंग क्या है
नवरात्रि के पहले दिन का शुभ रंग पीला (येलो) माना गया है। यह रंग ऊर्जा, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक है। आज के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करने और मां को पीले फूल अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

आज 19 मार्च 2026 को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी से पूरे नौ दिनों की पूजा का आरंभ माना जाता है। 19 मार्च 2026 को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः लगभग 6:52 बजे से सुबह 7:43 बजे तक रहेगा। इस दौरान अभिजीत मुहूर्त भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आज यह समय दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इसलिए इस समय में विधि-विधान से कलश स्थापना करना फलदायी रहेगा। पूजा स्थान को शुद्ध कर मिट्टी के पात्र में जौ बोकर, जल से भरा कलश स्थापित करें और मां दुर्गा का आवाहन करें।नवरात्रि के दौरान भक्तजन व्रत रखकर सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं। सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर दीप जलाएं और मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः – मंत्र का जप विशेष फलदायी माना जाता है। दिनभर संयम और भक्ति के साथ मां की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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