ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन बदलावों के लागू होने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 30 से 45 मिनट रह सकता है। प्रस्तावित योजनाएं ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान-2041 में संशोधन का हिस्सा हैं।
GNIDA ने हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग करने की योजना भी तैयार की गई है। इससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं को उद्योग, व्यापार और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
इसके अलावा GNIDA ने मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक छह लेन की एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव भी रखा है। यह मार्ग मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए होगा और लॉजिस्टिक्स हब को सीधे एयरपोर्ट के एयर कार्गो टर्मिनल से जोड़ेगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लगभग 10,761 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना छह लेन की होगी, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

