August 28, 2026
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Swiggy Zomato Health insurance : स्विगी-जोमैटो डिलीवरी बॉयज को मिलेगा बीमा कवर

देशभर के लाखों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राहत की खबर है। स्विगी, जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी बॉयज, कैब ड्राइवर्स और फ्रीलांसर्स को अब सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलेगा। केंद्र सरकार ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं, जिनके तहत पात्र वर्कर्स को हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और एक्सीडेंट कवर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

सरकार के मुताबिक, ये लाभ उन वर्कर्स को मिलेंगे, जिन्होंने बीते एक साल में कम से कम 90 दिन काम किया हो। अगर कोई वर्कर एक से अधिक ऐप्स के साथ काम करता है, तो कुल 120 दिन का कार्यकाल अनिवार्य होगा। यह कदम हाल ही में 25 दिसंबर को हुई गिग वर्कर्स की सांकेतिक हड़ताल के बाद उठाया गया है। फिलहाल इन ड्राफ्ट नियमों पर स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा गया है, जिसके बाद इन्हें अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।

कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
गिग वर्कर्स को सरकारी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा और वर्कर की न्यूनतम आयु 16 वर्ष तय की गई है। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जारी किया जाएगा और डिजिटल पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। वर्कर्स को अपनी मोबाइल नंबर, पता या स्किल में बदलाव होने पर पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी होगी, अन्यथा लाभ प्रभावित हो सकते हैं।

पात्रता की शर्तें तय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी गिग वर्कर्स अपने आप इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। पात्रता के लिए आयु सीमा 60 वर्ष रखी गई है। तय अवधि तक काम न करने पर वर्कर इस योजना से बाहर भी हो सकता है। खास बात यह है कि अगर कोई वर्कर एक ही दिन में तीन अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करता है, तो उसे तीन कार्यदिवस माना जाएगा।

सोशल सिक्योरिटी फंड से मिलेंगे लाभ
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, कंपनियों से कंट्रीब्यूशन लेकर एक अलग सोशल सिक्योरिटी फंड बनाया जाएगा। इसी फंड से वर्कर्स को जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और काम के दौरान दुर्घटना होने पर पर्सनल एक्सीडेंट कवर दिया जाएगा। इसके अलावा, नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स के पांच प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, जो भविष्य की योजनाओं पर सुझाव देंगे।

हड़ताल और कंपनियों का जवाब
गौरतलब है कि दिसंबर के अंत में देशभर में गिग वर्कर्स ने कमाई में गिरावट, सोशल सिक्योरिटी की कमी और आईडी ब्लॉक किए जाने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद स्विगी और जोमैटो ने पीक ऑवर्स में अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की थी। सरकार के नए कदम को गिग वर्कर्स के लिए लंबे समय से चली आ रही मांगों की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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