सीएम धामी के किए गए तबादलों में इस बार भी वरिष्ठ आईएएस दीपक रावत सुर्खियों में, दो पदों पर दी बड़ी जिम्मेदारी - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
February 10, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

सीएम धामी के किए गए तबादलों में इस बार भी वरिष्ठ आईएएस दीपक रावत सुर्खियों में, दो पदों पर दी बड़ी जिम्मेदारी

कुछ ऐसे अफसर भी होते हैं जो सुर्खियों में बने रहते हैं। आज हम एक ऐसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की बात करने जा रहे हैं जो अपनी कार्यशैली की वजह से राज्य सरकार, प्रशासनिक लॉबी के साथ सोशल मीडिया पर भी छाए रहते हैं। ये हैं उत्तराखंड के सीनियर आईएएस ऑफिसर दीपक रावत। दीपक रावत इस बार भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंगलवार रात बड़ी संख्या में प्रशासनिक अफसरों के किए गए ट्रांसफर लिस्ट में चर्चा में रहे। बता दें कि इसी साल 20 जुलाई को उत्तराखंड सरकार ने राज्य के प्रशासनिक अफसरों के ट्रांसफर किए थे तब दीपक रावत हरिद्वार जनपद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और कुंभ मेला अधिकारी थे। ‌उस ट्रांसफर लिस्ट में दीपक रावत को हरिद्वार के डीएम से हटाकर यूपीसीएल-पिटकुल के एमडी पद पर कर दिया था। लेकिन तब कई दिनों तक आईएएस अधिकारी रावत ने पदभार ग्रहण नहीं किया था। यह भी चर्चा थी कि दीपक रावत ज्वाइन नहीं करना चाहते। करीब एक सप्ताह बाद आखिरकार आईएएस दीपक रावत ने दोनों निगमों में एमडी और उरेडा में निदेशक के पद पर ज्वाइनिंग की। देर से ज्वाइन करने पर पूरे उत्तराखंड प्रशासन की लॉबी में दीपक रावत चर्चित हुए थे। मंगलवार रात किए गए धामी सरकार के ट्रांसफर लिस्ट में इस बार भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक रावत चर्चा में आ गए। राज्य के कार्मिक सचिव अरविंद ह्यांकी की ओर से जारी आदेश में दीपक रावत को पिटकुल प्रबंध निदेशक से हटाकर कुमाऊं मंडल का नया कमिश्नर बनाया गया है। साथ ही वरिष्ठ आईएएस रावत को उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी का भी निदेशक बनाया गया है। 
मसूरी के निवासी आईएएस दीपक रावत सोशल मीडिया पर भी खूब रहते हैं एक्टिव–

आपको बता दें कि दीपक रावत मूलरूप से उत्तराखंड मसूरी के निवासी हैं। वह अपनी खास कार्यशैली के लिए काफी चर्चाओं में रहते हैं। उनके प्रशंसकों ने दीपक रावत फैंस क्लब के नाम से फेसबुक पर पेज बनाया हुआ है। सोशल मीडिया पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है। मसूरी में प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली के हंसराज कॉलेज से उन्होंने इतिहास में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद जेएनयू से एमफिल किया। बताया जाता है कि उच्च शिक्षा के दौरान दीपक रावत की मुलाकात बिहार के होनहार छात्रों से हुई। ये छात्र यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उनसे प्रभावित होकर इन्होंने भी तैयारी शुरू कर दी। 2007 में दीपक रावत ने सिविल सेवा परीक्षा पास की और वह उत्तराखंड कैडर के अफसर बन गए। यह भी चर्चा है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल में दीपक रावत को कमिश्नर बनाकर बड़ी जिम्मेदारी भी दी है। बता दें कि स्वयं मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र जनपद पिथौरागढ़ से आते हैं। इसके साथ उनका विधानसभा क्षेत्र भी खटीमा कुमाऊं में है।

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