देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। सूरज की तेज तपिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, सड़कों पर सन्नाटा और दोपहर में बाजार सूने नजर आ रहे हैं। लोग जरूरी काम भी सुबह या शाम के समय निपटाने को मजबूर हैं। अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने लगे हैं। बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई जगहों पर दबाव भी बढ़ा है। गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं और रातों में भी राहत नहीं मिल रही। ऐसे में सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय बन गई है।
देश में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग 252.07 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले मई 2024 में 250 गीगावॉट का रिकॉर्ड बना था। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के 10 राज्यों में हीटवेव और गर्म रातों का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.4°C दर्ज किया गया। प्रयागराज में 45.5°C, वाराणसी में 45°C और झांसी में 44.8°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। दिल्ली में भी इस सीजन का सबसे अधिक 42.8°C तापमान दर्ज किया गया।
राजस्थान के बाड़मेर में 45.7°C, पंजाब के फरीदकोट में 45.2°C और हरियाणा के रोहतक में 44.6°C तापमान रहा। महाराष्ट्र के अकोला और अमरावती में 45.6°C तथा वर्धा में 45.5°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में हालात को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अप्रैल को उत्तर भारत के कई राज्यों में हीटवेव का असर जारी रहेगा, जबकि कई जगहों पर गर्म और उमस भरी रातें भी परेशान करेंगी। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
पहाड़ों में बदला मौसम: हिमाचल-उत्तराखंड में राहत की उम्मीद
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी का कहर जारी है, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम ने करवट ली है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 42.2°C तक पहुंचा, लेकिन 27 अप्रैल से बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हाल ही में बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी और कुछ इलाकों में बारिश भी दर्ज की गई, जिसने मौसम को ठंडा बना दिया है।
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