September 11, 2026
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राष्ट्रीय

ट्रेनों को उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी ka

सरकार ने कहा कि ट्रेनों को उन्नत यात्री आरक्षण प्रणाली में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह बदलाव यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा पहुंचाए बिना सुचारु रूप से किया जाए। यह घोषणा गुरुवार को रेल भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान की गई, जहां मंत्री ने मौजूदा 40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली से आधुनिक और तकनीक आधारित नए प्लेटफॉर्म पर बदलाव की तैयारियों का जायजा लिया।

दरअसल, मौजूदा आरक्षण प्रणाली की शुरुआत वर्ष 1986 में हुई थी और पिछले चार दशकों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए। हालांकि, अब इसे पूरी तरह से आधुनिक बनाया जा रहा है और इसकी क्षमता को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से काफी बढ़ाया गया है, ताकि बढ़ती यात्री मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

रेल मंत्रालय ने कहा, “1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 वर्षों में कई छोटे बदलाव किए गए। लेकिन अब इसे पूरी तरह से नया रूप दिया गया है और इसकी क्षमता में आधुनिक तकनीक के जरिए बड़ा विस्तार किया गया है।”

मंत्रालय ने आगे कहा कि भारतीय रेल ने वर्ष 2002 में इंटरनेट-आधारित टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद से लगातार डिजिटल बदलाव को अपनाया है। वर्तमान में करीब 88 प्रतिशत टिकट बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इस बदलाव में रेलवन मोबाइल अनुप्रयोग की बड़ी भूमिका रही है, जिसे पिछले वर्ष जुलाई में शुरू किया गया था। इस अनुप्रयोग को अब तक 3.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

यह प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, रद्दीकरण, धनवापसी और ट्रेनों की वास्तविक समय जानकारी जैसी कई सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसकी खास विशेषताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित भविष्यवाणी प्रणाली शामिल है, जो वेटिंग लिस्ट वाले टिकट के पुष्टि होने की संभावना का अनुमान लगाती है।

इस वर्ष की शुरुआत में शुरू की गई इस सुविधा की सटीकता 53 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे यात्रियों का भरोसा बढ़ा है। यह अनुप्रयोग लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, प्लेटफॉर्म और कोच संबंधी जानकारी, रेल मदद के जरिए शिकायत निवारण और सीट तक भोजन पहुंचाने जैसी सेवाएं भी प्रदान करता है।

वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिदिन लगभग 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं, जिनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियां शामिल हैं। सरकार ने दोहराया कि भारतीय रेल करोड़ों लोगों की जीवनरेखा बनी हुई है और यात्रियों को भारी सब्सिडी दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में अकेले यात्री सब्सिडी पर 60,239 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जिससे यात्रियों को औसतन 43 प्रतिशत किराया छूट मिली।

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