हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित शहरी निकाय चुनावों को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के शहरी विकास विभाग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों (डीसी) को निर्देश जारी करते हुए 53 स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) के लिए आरक्षण रोस्टर जल्द तय करने को कहा है। इस संबंध में विभाग की ओर से गुरुवार को सभी जिलों के डीसी को ‘मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी का पत्र भेजा गया है।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मेयर, अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए आरक्षण रोस्टर तय करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया समय पर शुरू करने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाना जरूरी है।
बताया जा रहा है कि आरक्षण रोस्टर तय होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन निकायों में कौन-से पद सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति या अन्य आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित होंगे। इसी आधार पर आगे चुनाव कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
शहरी विकास विभाग ने सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर रोस्टर तय करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजें। विभाग का कहना है कि नगर निकायों में आरक्षण रोस्टर तय होने के बाद चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने में आसानी होगी।
प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं। ऐसे में सरकार की ओर से आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाने को चुनावी तैयारियों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

