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October 21, 2026
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कुंभ-2027 की तैयारी तेज: हरिद्वार में एनएचएआई की सड़क परियोजनाएं बदलेंगी ट्रैफिक की तस्वीर


आगामी कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरिद्वार में सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। निर्माणाधीन स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) परियोजनाएं पूरी होने के बाद न केवल शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलेगी।

एनएचएआई द्वारा विकसित की जा रही 51 किलोमीटर लंबी छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर टू हरिद्वार परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत अब तक 46 किलोमीटर छह-लेन मार्ग का निर्माण किया जा चुका है। यह कॉरिडोर दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे को हरिद्वार से जोड़ते हुए हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भड़ेड़ी राजपूताना स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-58 तक पहुंचेगा। परियोजना पूरी होने पर दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही वैकल्पिक और तेज मार्ग उपलब्ध होगा।

वहीं, 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का करीब 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अब तक 9 किलोमीटर फोर-लेन सड़क का निर्माण किया जा चुका है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर एनएच-34 पर चंडी देवी मंदिर के निकट समाप्त होगा। इसके शुरू होने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जाम से राहत मिलेगी।

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में अधिकांश वाहन शहर के भीतर से होकर गुजरते हैं, जिसके कारण सप्ताहांत, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान लंबा जाम लग जाता है। स्पर टू हरिद्वार परियोजना बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगी, जबकि हरिद्वार बाईपास शहर के भीतर अनावश्यक यातायात दबाव को कम करेगा।

इसके अलावा, हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे भीड़भाड़ वाले जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (वीयूपी) और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटना संभावित स्थलों पर जोखिम कम होगा और आगामी कुंभ के दौरान यातायात अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

एनएचएआई द्वारा पहले से विकसित मुजफ्फरनगर–नेपाली फार्म चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग भी संचालन में है, जो हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है। आगामी कुंभ के दौरान यह मार्ग भी यातायात का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यातायात प्रबंधन को और अधिक सुरक्षित एवं स्मार्ट बनाने के लिए एनएचएआई हरिद्वार–मुजफ्फरनगर, स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास मार्गों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) लागू कर रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से यातायात की रियल-टाइम निगरानी, सड़क उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने, नियमों के पालन पर नजर रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

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